
बालसाहित्य के विभिन्न पक्षों पर चर्चा एवं बाल कविता पाठ
देश के 12 राज्यों के 112 साहित्यकारों की सहभागिता
आगरा से शामिल हुए 9 बाल साहित्य को समर्पित रचनाकारों ने इस आयोजन में न केवल सहभागिता की अपितु अपने विचारों और रचनाओं से श्रोताओं को अभिभूत भी किया।
बच्चों को उपदेश देने के बजाय हम बड़े लोगों को उनके सामने आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए। ये बात कहीं लालढांग,हरिद्वार में बालप्रहरी,बालसाहित्य संस्थान अल्मोड़ा तथा नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय छात्रावास लालढांग द्वारा 8 जून से आयोजित राष्ट्रीय बालसाहित्य संगोष्ठी के समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. हेमचंद्र पांडे,कुलपति हेमवतीनंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय देहरादून ने ।
उन्होंने कहा कि बच्चे तभी हमारा अनुकरण करेंगे। जब हम उपदेश के बजाय स्वयं अपने आचरण में उन बातों को लाएंगे। अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ बालसाहित्यकार सिंघानिया विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो.रामनिवास मानव ने की।नेहरू युवा केंद्र के पूर्व महानिदेशक दयानंद आर्य संयोजक उदय किरोला, डॉ प्रभा पंत आदि के सानिध्य में ‘बालसाहित्य और सामाजिक सरोकार’ विषय पर परिचर्चा हुई ।
‘बच्चे और ऑनलाइन गतिविधियां’ विषय पर डॉ. इंदु गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित सत्र में वक्ताओं ने बालप्रहरी द्वारा कोरोना काल में बालप्रहरी तथा बालसाहित्य संस्थान अल्मोड़ा व अन्य संस्थाओं तथा व्यक्तियों द्वारा ऑनलाइन गतिविधियों की जानकारी साझा की। दो सत्रों में डॉ.राजेन्द्र मिलन एवं सुशील सरित विशिष्ट अतिथि पदों पर मंचासीन रहे।
डॉ शशि गोयल ,अशोक अश्रु ,श्रीमती रमा वर्मा ,डॉ सुषमा सिंह ,प्रेम सिंह धिमश्रिया,डॉ. रमेश आनंद एवं श्रीमती माया की कविताओं को विशेष सराहना मिली। डॉ. राकेश चक्र, ‘बच्चों की प्यारी बगिया’ बाल पत्रिका के संपादक लखन प्रतापगढ़ी,दिनेश प्रतापसिंह ‘चित्रेश’, एस.बी.शर्मा,डॉ. उमेशचंद्र सिरसवारी आदि ने अपने विचार रखे। ‘।रचनाकारों में प्रमुख रूप से रेखा लोढा़, गुडविन मसीह ,डा.सरोज गुप्ता, डॉ. रामदुलार सिंह, डॉ आरती सारस्वत, ,सुशीला शर्मा, जयसिंह आशावत,संगीता गुप्ता, अरविंद साहू,रत्ना लक्सम आदि ने बाल कविताएं पढ़ी। जबकि कहानी वाचन सत्र में आशीष नेगी ने बच्चों को कहानी सुनाई। इन सत्रों का विशेष आकर्षण बच्चों द्वारा कविताओं और कहानियों पर टिप्पणियां रहीं ।संगोष्ठी में उत्तराखंड ,उत्तर प्रदेश ,मध्य प्रदेश , राजस्थान , हरियाणा ,पंजाब , हिमाचल प्रदेश ,दिल्ली ,छत्तीसगढ ,बिहार , सिक्किम ,महाराष्ट्र राज्यों के 112 प्रतिनिधि रचनाकारों ने सहभागिता की।
सुशील सरित
