वायु सेवा दिवस पर माधुर्य काव्य गोष्ठी एवं गीत संध्या में बही शब्दों और स्वरों की रसधार।

वायु सेवा दिवस पर माधुर्य काव्य गोष्ठी एवं गीत संध्या में बही शब्दों और स्वरों की रसधार।

माधुर्य कार्यालय दयालबाग में काव्य गोष्ठी एवं की गीत संध्या का आयोजन सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में साहित्य संगीत और देश प्रेम का सुंदर संगम देखने को मिला। कवियों की संवेदनशील रचनाओं और गीतों की मधुर प्रस्तुतियों ने उपस्थित साहित्य प्रेमियों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रोफेसर उमापति दीक्षित, अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र मिलन तथा कविवर राज बहादुर राज के द्वारा सरस्वती मां के चित्र पर माल्यार्पण द्वारा हुआ।इस काव्य गोष्ठी का संचालन नगर की सुप्रसिद्ध गायिका एवं कवयित्री निशि राज द्वारा किया गया। उमापति दीक्षित ने शिव तांडव स्त्रोत के पाठ से वातावरण शिवमय कर दिया। रमावर्मा श्याम के गीत- गजल तथा डॉ.राजेंद्र मिलन की वायु सेवा के पायलट ऑफिसर मच्छार की शौर्य गाथा का वर्णन करते हुए शुभकामना गीत,

मधु भारद्वाज, मोहन दुबे प्रतिभा दुबे, ऋषि दुबे , ब्रज बिहारी बिरजू, प्रकाश गुप्ता बेबाक, दुर्ग विजय सिंह दीप, राजीव शर्मा निस्पृह, डॉ .यशोयश, आचार्य उमाशंकर,विजय तिवारी, प्रभु उपाध्याय, इन्दल सिंह इन्दु, रामेश्वर दयाल,संजय गुप्त, आदर्श नंदनगुप्त,सुधा वर्मा,बबीता,रजनी सिंह,आदि ने अपनी देशभक्ति रचनाओं को प्रस्तुत कर सुधी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।वहीं निशि राज की गजल दिल की मैं बात क्या कहूं तुमसे ने विशेष वाहवाही बटोरी।सभी कवियों ने अपनी रचना के माध्यम से देश प्रेम एवं मानवीय संवेदनाओं की प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुति की। पार्षद ….., राजू वर्मा, नागेश शुक्ल, अतुल दक्ष, दुर्गेश पांडे,राज कुमार आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

डॉ.प्रतिभा दुबे द्वारा आभार व्यक्त किया गया। नागेश शुक्ला अतुल दक्ष राजू वर्मा अनीता चौधरी आदि की माहिती उपस्थिति रही।