महाराजा सूरजमल जी द्वारा आगरा किला विजय करने की स्मृति में 16वीं नमन काव्य गोष्ठी

*_संस्कार भारती, आगरा महानगर एवं डा बी आर आंबेडकर विश्वविद्यालय द्वारा 12 जून 1761 को महाराजा सूरजमल जी द्वारा आगरा किला विजय करने की स्मृति में 16वीं नमन काव्य गोष्ठी 12 जून 2026 को संस्कृति भवन, आगरा पर आयोजित की गई._*
*महाराजा सूरजमल 12 जून 1761 को द्वारा आगरा विजय करना गौरव और स्वाभिमान की बहुत बड़ी और ऐतिहासिक घटना है – प्रो लवकुश मिश्रा*
*उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा आगरा किला में महाराजा सूरजमल जी के गौरव का गुणगान करने की व्यवस्था जीकरवाना भारतीय स्वाभिमान के पुनर्जागरण का शंखनाद है – आचार्य यादराम सिंह कविकिंकर*
संस्कार भारती, आगरा महानगर एवं डा बी आर आंबेडकर विश्वविद्यालय द्वारा 12 जून 1761 को महाराजा सूरजमल जी द्वारा आगरा किला विजय करने की स्मृति में 16वीं नमन काव्य गोष्ठी 12 जून 2026 को संस्कृति भवन, आगरा पर आयोजित की गई.
मुख्यवक्ता प्रो लवकुश मिश्रा ने कहा कि महाराजा सूरजमल 12 जून 1761 को द्वारा आगरा विजय करना गौरव और स्वाभिमान की बहुत बड़ी और ऐतिहासिक घटना है, इसका पुनर्सस्मरण नयी पीढ़ी का नैरेटिव स्थापित करेगा.
मुख्य अतिथि पूर्व एस डी एम आचार्य यादराम सिंह कविकिंकर ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा आगरा किला में महाराजा सूरजमल जी के गौरव का गुणगान करने की व्यवस्था करवाना भारतीय स्वाभिमान के पुनर्जागरण का शंखनाद है.
इस अवसर पर प्रो लवकुश कुमार मिश्रा, आचार्य यादराम सिंह कविकिंकर, वरिष्ठ कवि अशोक गोयल, अध्यक्ष आर्किटेक्ट राजीव द्विवेदी एवं वरिष्ठ कवि, साहित्यकार एवं प्रांतीय संरक्षक हरिमोहन सिंह कोटिया एवं प्रांतीय महामंत्री नन्द नन्दन गर्ग ने महाराजा सूरजमल के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर काव्यगोष्ठी का शुभारंभ किया.
ब्रजभाषा की वरिष्ठ कवियत्री मीना शर्मा ने सरस्वती वन्दना का सस्वर गायन किया और काव्यपाठ किया –
थी छवि उनके जैसे धरती गगन, कष्ट कितने सहे फिर भी रहते मगन।
इनके आगे ना कोई टिक पाया था, ऐसी सूरजमल जी को सत सत नमन।
कवि राजीव क्वात्रा आगरावासी ने कहा –
दिल को जो झकझोरे उन गानों को सुन कर आये हैं
साहस,शौर्य, पराक्रम की तानों को सुन कर आये हैं
कवि प्रणव कुलश्रेष्ठ, टूंडला ने कहा –
निर्भीक योद्धा होते हुए भी कभी नहीं दिखाया छल.
विजय पर्व आगरा के अवसर पर मेरा प्रणाम है सूरजमल.
वरिष्ठ कवि अशोक गोयल ने कहा –
बुझादे प्यास प्यासे की, तो पानी उसको कहते हैं।
हमें झकझोर डाले जो ,कहानी उसको कहते हैं।
कवि प्रभुदत्त उपाध्याय ने कहा –
संजय कुमार एडवोकेट ने कहा –
राजा सूरज मल नें अपने पराक्रम से पूरे भारत में जाने जाते हैं,
आगरा से गहरा नाता रहा हैं अपनी हिम्मत से आगरा किला जीत जाते हैं.
डा० ब्रजविहारी लाल ‘बिरजू’ ने कहा –
नवाबी ठाठ में, परदे को टाट काफी है।
गाम देहात में, हफ्ते की हाट काफी है।।
कवयित्री मोहिनी भटनागर ने कहा –
आओ हम खुशहाली भर दें अपने देश महान में,
जुट जाए हम सब मिलकर नवयुग के निर्माण में,
डा आभा सिंह गुप्ता ने कहा –
औरो से गिला क्यों करते हो,
कुछ अपनी ही बात करो।
कवयित्री अलका अग्रवाल ने कहा –
खण्ड-खण्ड बंट कर अखण्ड हो गई l
ज्योति से बन ज्वाला प्रचण्ड हो गई l
काव्य गोष्ठी में वरिष्ठ साहित्यकार एवं प्रांतीय संरक्षक श्री हरि मोहन सिंह कोठीया; अशोक गोयल उपाध्यक्ष, अलका शर्मा, अजय मिश्रा, प्रणव कुलश्रेष्ठ टूंडला, आचार्य उमाशंकर पाराशर, चंद्रशेखर शर्मा ग्रीनमैन, मीना शर्मा, नूतन अग्रवाल ज्योति, मोहिनी भटनागर, डॉ आभा, डॉ सुनीता सिंह, डॉ रुचि सिंघल, डा शुभदा पाण्डेय, सुमन शर्मा, रश्मि सिंह, डॉ दिनेश शर्मा, बृज बिहारी लाल बिरजू, हरिकांत शर्मा, राजीव क्वात्रा आगरावासी, राम अवतार शर्मा, रूपेश कुलश्रेष्ठ, विजया तिवारी, राकेश शर्मा, अलका अग्रवाल आदि ने काव्यपाठ किया.
कार्यक्रम का अलका शर्मा और संजय कुमार एडवोकेट ने, संयोजन प्रभुदत्त उपाध्याय ने और धन्यवाद ज्ञापन महामंत्री ओम स्वरूप गर्ग ने किया.
इस अवसर पर सतीश गुप्ता, महेश धाकड़, उमा गुप्ता, डा रुचि सिंघल, मदन लाल अग्रवाल आदि भी उपस्थित रहे.
