मूर्खानन्द विश्वविद्यालय में उपाधि धारकों का हुआ अलंकरण

मूर्खानन्द विश्वविद्यालय में उपाधि धारकों का हुआ अलंकरण

होली के अवसर पर परम्परागत आयोजित महामूर्ख सम्मेलन ठठ्ठा और ठिठोली व हर्षोल्लास के साथ मूर्खानन्द विश्वविद्यालय के 38वें दीक्षान्त समारोह जिसमें नगर की महान 10 विभूतियों को सी.एफ. एन्ड्रूज बल्केश्वर स्थित वातानुकूलित सभागार में विभिन्न उपाधियों से नवाजा गया। संस्कार भारती आगरा जिला के संयोजक एवं सेन्ट एन्ड्रूज शिक्षण समूह द्वारा आयोजित महामूर्ख सम्मेलन का प्रारम्भ ढोल नगाड़े के साथ निकली शोभा यात्रा के साथ हुआ। उपस्थित जन समूह ने काॅंव काॅंव की हर्षध्वनि के साथ पुष्पवर्षा की।

समारोह में अध्यक्षता कर रहे श्री पूरन डाबर ने गर्धभराज को गूलरी की माला एवं घास का भोग लगाकर पूजन किया। सेन्ट एन्ड्रूज यूनिट की शिक्षिकाओं ने ‘‘ओउम जयगर्धभ देवा’ आरती का समवेत स्वर में संगीतमय गायन किया। मंचस्थ अतिथियों का अंगवस्त्र, बिना बाजू का कुर्ता, पगड़ी, कौए का हैट पुष्पहार, गाजर, मूली, बैगन, पुष्पगुच्छ, गोभी का फूल एवं प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया। जिन्हें उपाधि प्रदान की उनमें सर्वश्री महेश शर्मा को मूर्खाशिरोमणि, वरिष्ठ पत्रकार महेश धाकड़ को काक शिरोमणि, साहित्यकार हिन्दी अंग्रेजी डाॅ. आर.एस. तिवारी को महामूर्ख सम्राट, वरिष्ठ नाट्यकर्मी अनिल जैन को महामूर्खराज, देवशरण आर्य, आर्य समाज प्रमुख को मूर्ख विभूषण तथा साहित्यकार श्रुति सिन्हा को मूर्खमणिरत्न की उपाधि से सर्वश्री सुनीता शर्मा, शिवांजल शर्मा, रूचितनवर, यतेन्द्र सोलंकी, राजेन्द्र गोयल, प्रखर अवस्थी, मुनेश अग्रवाल ने नवाजा।

दीक्षान्त भाषण देते हुए मूर्खानन्द विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. गिरधर शर्मा ने हास्य परिहास से परिपूर्ण इस आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 38 वर्षों से लगभग 3000 हजार से अधिक उपाधियाँ देकर मूर्ख बनाया है। अध्यक्षता कर रहे प्रमुख समाज सेवी श्री पूरन डाबर ने कहा इस प्रकार के आयोजन समाज में प्रेम भाई चारा एवं समरसता का भाव बढ़ाते हैं। इस अवसर पर सर्वश्री राजेन्द्र मिलन, डाॅ. राघवेन्द्र शर्मा, डाॅ. ब्रजबिहारी, डाॅ. रामवीर शर्मा, रामेन्द्र शर्मा, प्रभूदत्त उपाध्याय, आचार्य उमाशंकर पारासर ने अपनी हास्यरस की कविताऐं सुनाकर सभी को खूब हँसाया। अन्त में लकी ड्रा जिसमें प्रथम पुरस्कार 5 किलो का तरबूज, संजोली गुप्ता, द्वितीय पुरस्कार 3 किलो का फूलगोभी, निखिल झां तृतीय पुरस्कार 2 किलो की लोकी प्राचार्या रूचि तनवरं को प्रदान किया गया। महामूर्ख सम्मेलन का संचालन राजबहादुर सिंह राज एवं धन्यवाद ज्ञापन यतेन्द्र सिंह सोलंकी ने किया। डाॅ. सुषमा सिंह एवं राजपाल सिंह सोलंकी, हर्षित पाठक, अमन शर्मा, देशदीप शर्मा आदि का सरानीय योगदान रहा।