*चले श्याम सुंदर से मिलने सुदामा, गाते गाते मग में हरे कृष्ण रामा..*
*चले श्याम सुंदर से मिलने सुदामा, गाते गाते मग में हरे कृष्ण रामा..*
*भगवान कृष्ण और सुदामा मिलन की मार्मिक झाँकी ने किया भाव विभोर*
*भगवान कृष्ण ने नारी अस्मिता की रक्षार्थ किए 16108 विवाह: पूज्य संत चिन्मयानंद बापू*
आगरा। विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट आगरा इकाई द्वारा बल्केश्वर पार्क में आयोजित भागवत कथा के समापन पर *राष्ट्रीय संत पूज्य चिन्मयानन्द बापू* ने जब सुदामा चरित्र का प्रसंग सुनाया तो भगवान कृष्ण और सुदामा मिलन की मार्मिक झाँकी के दर्शन कर खचाखच भरे पंडाल में बैठे हजारों भक्त श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।
चले श्याम सुंदर से मिलने सुदामा, गाते गाते मग में हरे कृष्ण रामा… की हृदय स्पर्शी स्वर लहरी के मध्य *सुदामा स्वरूप में पार्षद हरिओम गोयल बाबा* ने ऐसा किरदार प्रस्तुत किया कि भगवान कृष्ण के साथ-साथ सभी की आँखों से अश्रुधारा बहने लगी।
इससे पूर्व भगवान के अनेक विवाह की कथा का वर्णन करते हुए पूज्य बापू ने समझाया कि भगवान कृष्ण ने भौमासुर दैत्य के कारागार से 16108 नारियों को मुक्त कराया तो उनके सामने लोक लाज और मर्यादा का संकट खड़ा हो गया तब उनकी अस्मिता की रक्षा के लिए प्रभु ने उनसे ब्याह रचाया।
भागवत सार सुनाते हुए उन्होंने समझाया कि जहाँ भी रहो, भगवान के चरणों में समर्पित रहो। समर्पण सबसे बड़ी साधना है। अगर आप भगवान की शरण में चले गए तो भरोसा करना कि परमात्मा तुम्हें एक दिन पार लगा ही देगा।
कथा के दौरान *सामाजिक सरोकार के तहत 31 बच्चों को स्कूल बैग एवं पाठ्य सामग्री वितरित* की गई।
कथा से पूर्व सुबह की बेला में मुख्य यजमान सुगंधी परिवार द्वारा हवन पूजन किया गया, वहीं पूज्य संत चिन्मयानंद बापू ने 21 परिवारों को गुरु दीक्षा प्रदान कर आशीर्वाद प्रदान किया।
मुख्य संरक्षक एवं मार्गदर्शक *डॉ. विजय किशोर बंसल, मैनेजिंग ट्रस्टी पार्षद मुरारी लाल गोयल एवं ट्रस्टी श्रीमती सुमन गोयल* ने भागवत कथा के आयोजन में पूज्य संत चिन्मयानंद बापू के साथ-साथ हजारों भक्त श्रद्धालुओं व कथा में सहयोगी कण कण से लेकर ब्रह्मांड तक का हृदय से आभार व्यक्त किया।
*मुख्य यजमान श्रीमती विनीता सुगंधी, गोविंद सुगंधी, अमित सुगंधी, हिमांशु सुगंधी, आशीष सुगंधी, तीरथ कुशवाह, भोलानाथ अग्रवाल, हरिओम गोयल, राकेश गुप्ता, विजय वर्मा, गिर्राज बंसल, पार्षद पूजा बंसल* ने आरती उतारी। मयंक वैद्य ने संचालन किया। प्रयास फाउंडेशन ने सभी व्यवस्थाएँ सँभालीं।