
राष्ट्रीय मधुकर समारोह-
कला संस्कृति के लिए राष्ट्रीय पहचान बना मधुकर समारोह
-अशोक सिंह ठाकुर
मधुकर अलंकरण में कई दिग्गजों का हुआ सम्मान
दतिया 23 अगस्त को दतिया के प्रख्यात साहित्यकार पंडित महेश मिश्र मधुकर जी की 16 वी पुण्य स्मृति में सैकड़ों साहित्य विद्वानों का सम्मान किया गया वही लोक साहित्य में श्रीराम विषयक विमर्श हुआ। मधुकर मिश्र पुरातत्व एवं संस्कृति के अध्यक्षता थे उनकी चहुमुखी प्रतिभा का अवलोकन आज मधुकर समारोह में देखने को मिला मधुकर समारोह अब सिर्फ दतिया में तक सीमित कार्यक्रम ना रहा यह साहित्य कला संस्कृति और पुरातत्व के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है मेरा सौभाग्य की इंटेक दतिया के 16 वे वार्षिक आयोजन में मुझे शिरकत करने का अवसर मिला जहां मेरा आज से 10 वर्ष पूर्व सम्मान हुआ था उक्त विचार इंटेक के राष्ट्रीय अध्यक्ष चेयरमैन श्री अशोक सिंह ठाकुर ने व्यक्त किए उन्होंने कहा बहुत ही कम लोग होते हैं जो अपने माता-पिता का भव्यता के साथ स्मरण करते हैं दतिया में आयोजित मधुकर समारोह में देश के कोने-कोने से आए साहित्यकारों कलाकारों तथा पुरातत्व से जुड़े व्यक्तियों को सम्मानित कर उनकी प्रतिभा का सम्मान कर यह सिद्ध हुआ
श्री ठाकुर दतिया वृंदावन धाम में 16वीं मधुकर समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे उन्होंने कहा कि वह प्रयास करेंगे कि इंटेक के माध्यम से मधुकर समारोह को और अधिक व्यापक किया जाए तथा मधुकर जी की स्मृति में एक ग्रंथ का प्रकाशन हो । कार्यक्रम का उद्घाटन उन्होंने दीप प्रज्वलित तथा मधुकर मिश्र के चित्र पर माल्यार्पण कर किया इस अवसर पर मध्य प्रदेश रामायण केंद्र भोपाल के निदेशक डॉ राजेश श्रीवास्तव छतरपुर मध्यप्रदेश के अपर कलेक्टर नमः शिवाय अर्जरिया जी उपस्थित रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी श्रीमती रामलली शर्मा ने की कार्यक्रम से पूर्व शारदा की वंदना कुमारी ज्योत्सना ने की उनकी कथक प्रस्तुति से दर्शकों ने सराहना की ।
मधुकर मिश्र कृत्य पीतांबरा स्तुति संगीत महाविद्यालय पीतांबरा पीठ के छात्राओं ने हर्षवर्धन दुबे के निर्देशन में प्रस्तुत की अतिथि स्वागत मनोज मिश्रा संजय भार्गव डॉक्टर अनीता बुंदेला उमा चरण शर्मा द्वारा तथा अतिथि स्वागत भाषण मुख्य आयोजक इंटेक संयोजक विनोद मिश्रा ने किया मधुकर समारोह चार सत्रों में आयोजित हुआ प्रथम सत्र में उद्घाटन मधुकर विमर्श तथा राष्ट्रीय मधुकर अलंकरण सम्मान प्रदान किए गए दूसरे सत्र में लोक साहित्य में श्री राम विषय पर विद्वानों ने अपने विचार रखें जिसमें पंडित राजेश्वर महाराज नमः शिवाय अरजरिया डॉ राजेश श्रीवास्तव राज नारायण बोहरे ने लोक साहित्य में राम की अहम उपस्थित पर विचार रखे।
आयोजन में सम्मानित साहित्य विद्वान
—–+++++++++——-+++++ मधुकर समारोह में जिनको समानित किया उनमें लगभग 18 विद्वान शामिल हैं
राष्ट्रीय मधुकर सम्मान डॉक्टर राजेश श्रीवास्तव ,दतिया रत्न अवार्ड श्री नमः शिवाय अरर्जरिया, छतरपुर, रंग मधुकर सम्मान डा. अजय कुमार गुप्ता जबलपुर मधुकर लोक भाषा संरक्षण सम्मान मैथिली शरण श्रीवास्तव ,मधुकर कथा सृजन सम्मान डॉक्टर यशोधरा भटनागर देवास शब्द मधुकर सम्मान डॉक्टर वीना अब्राहम आगरा ,मधुकर शब्द सृजक सम्मान डॉक्टर रमा शर्मा ,मधुकर शब्द अर्चना सम्मान डॉक्टर आरती कुमारी मुजफ्फरपुर मधुकर पुरातत्व संरक्षण सम्मान डॉ बृजेश कुमार श्रीवास्तव सागर, डॉ मानस विश्वास सम्मान राजेश्वर महाराज ,कवि मधुप सम्मान रसिक किशोर सिंह नीरज कवि बालिकदास सिद्ध सम्मान पुष्पा तोमर ,शब्द आराधना सम्मान अंशिता सिंहा , लोकविद मंजू रानी सिहा सम्मान डॉक्टर मंजू खरे ,मिथिलेश गोस्वामी सम्मान अलका अग्रवाल आगरा, डॉक्टर हरि बल्लभ माहेश्वरी पर्यटन सम्मान संतोष पटेरिया महोबा, ठाकुर बेटी सम्मान ऋषि राज मिश्र।
समारोह में पुस्तकों का हुआ विमोचन
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समारोह में प्रथम सत्र में मधुकर वाणी सत्यम शिवम सुंदरम पुस्तकों का विमोचन हुआ साथ ही दूसरे सत्र में चित्रकूट में राम( मनीराम शर्मा)ख्वाबों जी रेशमी साये (अंशिता सिन्हा)माया का संसार (हरिकृष्ण हरि) हे गांधारी( अलका श्रीवास्तव अनुराग) सुर सजे धरा के (मंजू खरे),हीरक (डॉ अनुराधा प्रियदर्शिनी)मौन अभिव्यक्ति (रूपा कुमारी)रोमांचक कथाएं( रेवांश कुमार)तथा लोक चेतना के कथा शिल्पी मुंशी प्रेमचंद (शिवांगी पुरोहित)पुस्तकों का विमोचन हुआ
मधुकर पदक युवाओं को प्रदान किए
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मधुकर पदक जिन्हें प्रदान किए गए उनमें पुष्पमाली ,जितेंद्र गोस्वामी, रवि रायकबार,निधि रावत ,संजय भार्गव ऋतुराज सेन ,जितेंद्र गौतम ,राजेश कतरोलिया,पंकज मोर ,दीपक श्रीवास्तव प्रमुख है साथ की सत्यं शिवम सुंदरम ग्रंथ के 60 लेखिकाओं लेखकों को सम्मानित किया गया जो दतिया के प्रमुख व्यक्तियों के नामित सम्मान थे।
इनका रहा योगदान
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कार्यक्रम की सफलता में उमाचरण शर्मा,डॉक्टर निलय गोस्वामी पुरनचंद शर्मा मनीराम शर्मा रतन सोनी, जाकिर हुसैन,डॉक्टर प्रियंका सिजरिया ,मंतोष कुमार, संतोष मिश्रा दीपक श्रीवास्तव नादान , दिनेश श्रीवास्तव, संजय रावत,अरुण सिद्ध गुरु दिनेश श्रीवास्तव एड,प्रदीप चतुर्वेदी विनोद तिवारी चेतन सुखानी अनुरागी जी अलका श्रीवास्तव जनार्दन प्रसाद किरणसिंह वी पी सेन, नारायण सिंह हरनाम सिंह, रिंकू सेन, शैलेन्द्र खरे अशोक मीना श्रीवास्तव आदि का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
उपस्थित रहे अन्य सत्रों के अतिथि
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महाराज गोविंद देव, परिणीता राजे, सुश्री रजनी सिंह बृजलता मिश्रा, ने अपने उद्वोधन सी मधुकर मिश्र के योगदान पर चर्चा की।
सत्रों का संचालन अनूप गोस्वामी, रमा आर्य, रवि भूषण खरे, मंजू खरे। ने सफलता पूर्वक किया। आभार व्यक्त उमाचरण शर्मा, संजय भार्गव, अरूण सिद्ध गुरु, द्वारा अलग अलग किया।
