हर्षोल्लास के साथ छात्रों ने प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव

हर्षोल्लास के साथ छात्रों ने प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव में

 

चारों तरफ बढ़ाओ जागरूकता,
प्रकृति तथा पर्यावरण संरक्षण है आज की आवश्यकता,

चलो इस धरती को रहने योग्य बनाएँ,
नर्चर द नेचर, लैट्स गो ग्रीन मूलमंत्र हम सभी अपनाएँ।

इन्हीं उद्देश्य पूर्ण भावनाओं के साथ प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल में शनिवार, 19 नवंबर, 2022 को विद्यालय के वार्षिकोत्सव का आयोजन अत्यंत धूमधाम तथा हर्षोल्लास के साथ किया गया। वार्षिकोत्सव की थीम – ‘नर्चर द नेचर- लैट्स गो ग्रीन’ के अंतर्गत मनमोहक, रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की गई, जिसमें नर्सरी से कक्षा बारह तक के छात्रों की भागीदारी रही।

वार्षिकोत्सव के मुख्य अतिथि पद्म श्री(2019) से सम्मानित श्री भारत भूषण त्यागी तथा विशिष्ट अतिथि-श्री अशोक ठाकुर, डॉ. रीटा सोनावत (डायरेक्टर ऑफ एम्परसंड ग्रुप, मुंबई ,भूतपूर्व प्रोफेसर, विभागाध्यक्ष- डिपार्टमेंट ऑफ ह्यूमन डेवलपमेंट S.N.D.T वीमेन्स यूनिवर्सिटी) रहे ।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए छात्रा रिया ईरानी, वृष्टि गाँधी, अर्शिया मखीजा,गौरी चतुर्वेदी, जसनूर सिंह, जाह्नवी सिंह ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि विद्यालय के निदेशकगण डॉ.सुशील गुप्ता, श्री श्याम बंसल, प्रधानाचार्य श्री जगदीश सिंह धामी, मुख्य समन्वयक श्री संजय शर्मा तथा सभी अतिथियों का हार्दिक अभिनंदन किया।

असतो मा सदगमय की प्रार्थना के साथ दीप प्रज्वलित के उपरांत कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।
विद्यालय के निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता तथा श्री श्याम बंसल जी के द्वारा नवांकुर भेंट कर मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया गया। नवांकुर भेंट करने की अनूठी पहल विद्यालय के निदेशक के द्वारा एक दशक पूर्व प्रारंभ की गई थी, जिसका उद्देश्य हरियाली को केवल आगरा में ही नहीं बल्कि समस्त पृथ्वी पर बढ़ावा देना है।

मानव और प्रकृति के बीच एक अटूट संबंध है। प्रकृति मानव जीवन के विभिन्न पहलुओं को निर्धारित करती है, तो वहीं वह मानव के विभिन्न क्रियाकलापों से स्वयं प्रभावित भी होती है। जैव-विविधता में ह्रास और जलवायु परिवर्तन, मानव-गतिविधियों द्वारा प्रकृति के चिंताजनक ढंग से प्रभावित होने के उदाहरण हैं। यह मानव-जन्य प्रभाव एक निश्चित समयावधि के बाद स्वयं मानव जीवन को भी गंभीर रूप से प्रभावित करेगा।
पर्वत, नदी, वायु, आग, ग्रह- नक्षत्र, पेड़- पौधे, इन सभी का मानव के साथ शाश्वत संबंध है, इसलिए इन सभी का संरक्षण करना अत्यंत आवश्यक है।

पृथ्वी को जीवंत बनाए रखने के लिए मनुष्यों के साथ–साथ पशु–पक्षी, पेड़-पौधों का रहना भी अत्यंत आवश्यक है। आज जीव- जंतुओं तथा पेड़- पौधों की कई प्रजातियाँ विलुप्त होने के कगार पर हैं। इसलिए पारिस्थितिक तंत्र के प्राकृतिक वैभव की रक्षा करना और पृथ्वी पर प्रत्येक जीवित प्राणी के साथ सह-अस्तित्व की एक प्रणाली विकसित करना आज के दौर की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है।

इस अवसर पर सत्र 20-21 तथा 21-22 में कक्षा दस तथा बारह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले(95% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले)
मेधावी छात्रों को ₹22000 की छात्रवृत्ति देकर सम्मानित किया गया
90% से अधिक अंक पाने वाले 13 छात्रों को ₹11000 की छात्रवृत्ति प्रदान करके सम्मानित किया गया।
निदेशकगण डॉ. सुशील गुप्ता तथा श्री श्याम बंसल ने सभी को वार्षिकोत्सव की शुभकामनाएँ दीं तथा सभी को जीवन पथ पर आगे बढ़ते रहने का आशीर्वाद दिया और प्रकृति के संरक्षण में अपना अमूल्य योगदान देने के लिए प्रेरित किया ।

अभिभावकों तथा अतिथियों के द्वारा कार्यक्रम की भूरि- भूरि सराहना की गई। वार्षिकोत्सव का समापन फिनाले गीत के साथ अत्यंत उमंग और आनंद के साथ हुआ।